संवेदना
मैं इक दांत हूँ
ताक़तवर और संवेदनशील
ये संवेदना मुझे भान देती है,
क्या किया जाना है ? इसका ज्ञान देती है
किसे मुंह में घुमाना है ?
और किसे, कितना चबाना है |
किसे तोडना, किसे चूसना है
और कब, कहां, किसे थूकना है |
ये संवेदना बहुत जरूरी है
परन्तु अति हर चीज की बुरी है
इसलिए जब कोई दांत
हो जाता है अतिसंवेदनशील
नहीं दी जा सकती है कोई ढील
क्योकिं इससे समस्या जन्म लेती है
और हर चीज मुंह में तकलीफ देती है
खटटा हो या मीठा, ठन्डा हो या गरम
कड़वा हो या नमकीन, सख्त हो या नरम
इसका इलाज भी जरूरी है
क्योंकि
संवेदना की अति भी बुरी है
इसके कारण
अच्छा भी बुरा लगता है
फूल भी छुरा लगता है
संवेदनाओं पर नियंत्रण जरूरी है
चिकित्सक का निमंत्रण जरूरी है
चिकित्सक चिकित्सा करता है
दांत की संवेदना कम करता है
और यदि ये संभव नहीं हो पाता है
तो वो देखता है
और दांत को उखाड़ फैंकता है
ये जरूरी है इससे पहले कि
ये संक्रमण आगे बढे
और दूसरे दांतों में इसका रंग चढ़े
संवेदना हमारी धुरी हैं
परन्तु इसकी अति बुरी है
फिर चाहे दांत में हो या मन में
देश में हो या आँगन में