शनिवार, 10 सितंबर 2022

महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में नो बैग डे का आयोजन

असगर वजाहत की कहानी “शेर’ तथा “पहचान” पर हुई चर्चा

महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में नो बैग डे का आयोजन


आज दिनांक 10 सितम्बर को स्थानीय महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में नो बैग डे का आयोजन किया गया । आज नो बैग डे की थीम का सम्बन्ध हिन्दी साहित्य से था इसलिए विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक अकमल नईम सिद्दीकी ने हिन्दी साहित्य की सबसे चहेती विधा “कहानी” के सम्बन्ध में विद्यार्थियों से बात की और उन्हें कहानी के विभिन्न तत्वों से अवगत करवाया । इसी क्रम में उन्होंने प्रसिद्व साहित्यकार असगर वजाहत की दो छोटी छोटी कहानियाँ “शेर” तथा “पहचान” का वाचन किया और विद्यार्थियों के साथ इस पर चर्चा की । 


पुस्तकालय अध्यक्ष निधि भार्गव ने छात्रों को लघु कथाओं की पुस्तकें उपलब्ध करवाते हुए कहा कि आगामी नो बैग डे पर इन कहानियों को वो विद्यालय में लघु नाटिका के रूप में मंचित करेंगे ।


विद्यालय प्रभारी तथा व्याख्याता भल्लाराम चैधरी ने विद्यार्थियों को कहानी लिखने के लिये प्रेरित किया वहीं अन्य कक्षाओं में अंशु परिहार ने बच्चों को खेल खेल में राइमिंग वर्ड्स के बारे में बताया साथ ही बच्चों ने भी बड़े आत्मविश्वास के साथ विभिन्न प्रस्तुतियां दीं।




मोहम्मद आसिफ ने भी बच्चों को मेरी कहानी दोस्त की जबानी गतिविधि करवाई जिसमें बच्चों ने अपनी कक्षा के दोस्तों के बारे में बताया । 



वैशाली लाम्बा और सोनल जोधा ने मैं होता तो क्या करता  गतिविधि  के माध्यम से सोचने पर मजबूर किया और बच्चों को विभिन्न प्रकार के फ्लेश कार्ड प्रदान करते हुए उनसे पूछा कि अगर वो कोई जानवर होते तो क्या करते



सुप्रीति चौधरी, सुमित्रा मैडम और सुखविंदर जी ने बच्चों को वर्क बुक की महत्ता बताते हुए इसके उद्देश्यों से अवगत करवाया । प्रेमाराम जी ने हिन्दी और संस्कृत के शब्दों की पहेली बूझी तो किरण देवड़ा ने विज्ञान के चमत्कारों से रूबरू करवाया और मनीष सर ने गणित की उलझनों को बच्चों से सुलझवाया । सोनिया परिहार और खुशबु परिहार ने बच्चों को कहानियां सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। दशरथ जी पूरे कार्यक्रम को अनुशासित ढंग से संपादित करने में अपना योगदान दिया।

अन्य सभी ने भी विभागीय निर्देशानुसार विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जिसमें विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था । प्रधानाचार्या प्रतिभा शर्मा ने भी विद्यार्थियों से संवाद किया तथा जीवन में अनुशासन के महत्त्व के बारे में बताते हुए इसकी आवश्यकता पर बल दिया ।        


                                                                                                             स्कूल डेस्क

                                                                                                    अकमल नईम सिद्दीकी

कार्यक्रम की झलकियाँ 











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شاعر

  شاعر بے چارہ حب جاہ کامارا ہوتا ہے۔واہ  !   واہ  !   کے کلمات اس کے لئے ویسے ہی کام کرتے ہیں جیسے وینٹی لیٹر پر پڑے مریض کے لئے آکسیجن ...