शनिवार, 28 जुलाई 2018

ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

मेरी खुशियां हों या हों ग़म सभी का इससे नाता है
यही महबूब है मेरा यही दिल को लुभाता है
चमन है यां, यहां दरिया यहां कुहसार और जंगल
वतन है ये अज़ीज़ों का यही बेटों का माता है
मुझे इससे अकीदत है, अकीदत है, अकीदत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

है ये दोहों की धरती और यही श्लोकों की भूमि है
है ये नज्मों की ग़ज़लों की, मधुर गीतों की भूमि है
है ये छन्दों का उपवन और महाग्रंथों की भूमि है
ज़बानों में भी निस्बत है, मुहब्बत है, निहायत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

यहीं नाज़िल हुये आदम यहीं पर नूह उतरे हैं
यहीं पर राम जन्मे थे, यहीं पर बुद्ध  गुज़रे हैं
यहीं के वेद गीता और रामायण गुरुग्रंथ हैं
यहां की रात उजली है यहां के दिन भी सुथरे हैं
कि इसका नाम लेना भी इबादत है, इबादत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

यहीं राधा यहीं मीरा यहीं शबरी यहीं सीता

यहीं रज़िया थी सुल्ताना यहीं लक्ष्मी  महायोद्धा

यहीं थी चांद बीबी भी यहीं काली यहीं दुर्गा

लता दीदी यहीं की हैं यहीं की हैं महाश्वेता

लिखी सबने अनोखी सी इबारत है, इबारत है

ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

 

बुज़ुर्गों में बड़प्पन है जहां बच्चों में है बचपन
पति परमेश्वर है और जहां पत्नी है तन मन धन
जहां मां बाप को ही सब ख़ुदा और रब समझते हैं
जहां दादा से पोते से चहकता है मेरा आंगन
जहां रिश्तों को भी पूंजी समझना इक रिवायत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

जहां बहती है वो गंगा जो सबके पाप धोती है
जहां सेहरा है सोने सा जहां कश्मीर मोती है
जहां सर्दी है गर्मी है जहां बरसात होती है
जहां नर्गिस भी आकर अपनी बेनूरी पे रोती है
जहां दिन रात योगी सा हिमालय साधनारत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

यहां इक और सेहरा है, यहां इक और पर्वत है
यहां मैंदां हैं जंगल हैं यहां दरिया की हरकत है
यहां मौसम सुहाने हैं, यहां हर शै में बरकत है
चरिन्दे हैं, परिन्दे हैं सभी तरहा की ख़लकत है
है ये वरदान देवों का मेरे रब की करामत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

यहां मन्दिर हैं मस्जिद हैं यहां पर चर्च गुरुद्वारे
यहां पर थान दरगाहें, यहां पर मठ व भण्डारे
अज़ानों की यहां गूंजें, यहां शिवजी के जैकारे
यहां नवकार मन्तर है यहां अरदास है प्यारे
सभी मिलजुल के रहते हैं न शिकवा और शिकायत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

यहां कमसिन हसीनों की निगाहों में शरारत है
जिन्हें दिल को लुभाने में महारत है महारत है
जवानों के दिलों में भी हरारत है हरारत है
हरेक बच्चे के चेहरे पर अजब सी इक तमाज़त है
बुज़ुर्गों के भी लहजे में मुहब्बत है हलावत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

अजूबा है यहीं दुनिया का जिसको ताज कहते हैं
मुहब्बत की निशानी का जिसे सरताज कहते हैं
अजन्ता है एलोरा है यहां पर गोल गुम्बज है
यहां पर बांध हैं ऐसे जिन्हें बैराज कहते हैं
अजूबों से भरी हर इक इमारत है इमारत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

यहां क्रिकेट भी मज़हब है यहां भगवान तेंदुलकर
यहां धोनी, कपिल पाजी, पटौदी और यहां अज़हर
यहीं द्र्विड़, अनिल कुम्बले यहीं कप्तान गावस्कर
गली में खेलने वाला हरेक बच्चा है क्रिकेटर
यहां सिद्धू कि जिनको ख़ूब हंसने में महारत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है
  
दिवाली में जहां हरसू उजाला ही उजाला है
जहां होली में रंगों का हरेक जा बोलबाला है
जहां राखी पे बहनों की सुरक्षा का वचन देते
जहां के तीज त्यौहारों का रंग ढंग ही निराला है
जहां पर ज़िन्द्गी ज़िन्दादिली की एक अलामत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

जहां पर ईद को हम सब गले मिल कर मनाते हैं
दिलों में जो भी शिकवें हों सभी को हम भुलाते हैं
जहां क्रिसमस भी आता है जहां लोहड़ी भी गाते हैं
जहां शिवरात्रि है और शबे बरअत मनाते हैं
जहां हर दिन ख़ुशी का है जहां हर शब मुसर्रत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है

जहां हिंदु भी रहते हैं मुसलमां भी जहां रहते
जहां सिखों का मसकन है जहां ईसाई भी रहते
जहां पर जैन ओ बुद्ध और पारसी मिलजुल के हैं रहते
उसी को दोस्तों दुनियां में हिन्दुस्तान हैं कहते
जहां इस एकता को तोड़ने वाली सियासत है
ये भारत  है, ये भारत है, ये भारत है, ये भारत है
मुहब्बत है, मुहब्बत है, मुझे इससे मुहब्बत है




बुधवार, 11 जुलाई 2018


स्वागत गीत (विधार्थियों के लिए )

स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम
आप आये यहां मेहरबानी करम

यूं लगा मानो चंदन महकने लगा
यूं लगा मानो आलम चहकने लगा
जो पड़े आप के यहां पर क़दम
स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम

इल्म है जिन्दगी इल्म है रोशनी
इल्म से बन रहा आदमी आदमी
इल्म की राह पर तुम बढाओ क़दम
स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम

छात्र जीवन मिला धन्य हो तुम सभी
हैं सुनहरे ये दिन व्यर्थ न हों  कभी
विधा अर्जन ही है बस तुम्हारा धरम
स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम

राह आसान है, तुम को क्या ध्यान  है
तप बिना मिल रहा किस को यां ज्ञान है
तोड़ डालो सुनो तुम ये सारे भरम
स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम

हम जीयें तो जियें सच की खातिर यहां
सारी मुश्किल सहें सच की खातिर यहां
तोड़ना है हमें झूठ का हर भरम
स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम

कद्र माँ बाप की जान लें हम सभी
उन की खिदमत करें ठान लें हम सभी
कोई माँ बाप जाए न वृद्वआश्रम
स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम

विश्व में देश की ऐसी पहचान हो
देख कर हर कोई हम को हैरान हो
हम जियें इस की खातिर मरें इस पे हम
स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम

तय करो मंजिले, रहगुजर तुम नई
कदमों को चूम लें मंजिलें फिर नई
कामयाबी की जानिब बढाओ क़दम
स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम



شاعر

  شاعر بے چارہ حب جاہ کامارا ہوتا ہے۔واہ  !   واہ  !   کے کلمات اس کے لئے ویسے ہی کام کرتے ہیں جیسے وینٹی لیٹر پر پڑے مریض کے لئے آکسیجن ...