रविवार, 8 मार्च 2020

होली


रंगो की बौछार है होली 
मस्ती का त्यौहार है होली
हर दिल में एक जोश भरा है 
खुशियों का अम्बार है होली

उल्फ़त है और प्यार है होली 
रिश्तों का आधार है होली
नफ़रत के जज्बात मिटाने
बस हम को दरकार है होली
 
मस्ती है उल्लास है होली
त्यौहारों में ख़ास है होली
भेदभाव से ऊपर उठकर
समता का अहसास है होली

भीगा कुर्ता भीगी चोली
हुड़दंगा और हंसी ठिठोली
कोई खाकर झूम रहा है 
देखो भय्या भांग की गोली

प्रेम का दे संदेश ये होली
और मिटाये द्वेश ये होली
रंगो सा मिल जाना सीखो
देती है सन्देश ये होली

आज फ़िज़ा में रंग भरा
लाल गुलाबी और हरा है
सहरा, गुलशन रंग में नहाये
सतरंगी ये आज धरा है 

रखें बस हम ध्यान इसी का
कम न हो बस मान किसी का
दिल में न हो मैल कोई भी
हमसे न हो अपमान किसी का

कीचड़ गोबर तुम न लगाना
दारु सुल्फ़ा तुम न मंगाना
नारी का अपमान न करना
होली को इस तरह मनाना

रंगो की बौछार है होली 
मस्ती का त्यौहार है होली
हर दिल में एक जोश भरा है 
खुशियों का अम्बार है होली

अकमल नईम अकमल

شاعر

  شاعر بے چارہ حب جاہ کامارا ہوتا ہے۔واہ  !   واہ  !   کے کلمات اس کے لئے ویسے ہی کام کرتے ہیں جیسے وینٹی لیٹر پر پڑے مریض کے لئے آکسیجن ...